यूपी कैबिनेट : विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना को मंजूरी

लखनऊ, 18 दिसम्बर 2018 (आईपीएन)। उत्तर प्रदेश की कैबिनेट ने मंगलवार को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना समेत 12 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है।
उत्तर प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना से पारम्परिक स्व-रोजगारियों एवं हस्तशिल्पियों को अधिक से अधिक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे तथा वे अपनी आजीविका सुगमता से चला सकेंगे। साथ ही े शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के बढ़ई, दर्जी, टोकरी बुनकर, नाई, सुनार, लोहार, कुम्हार, हलवाई, मोची आदि जैसे पारम्परिक स्व-रोजगारियों तथा पारम्परिक हस्तशिल्प की कलाओं के प्रोत्साहन एवं संवर्द्धन के साथ उनकी आय में वृद्धि भी हो सकेगी।
इस योजनान्तर्गत पारम्परिक कारीगरों एवं दस्तकारों को उद्यम के आधार पर कौशल वृद्धि के लिए 06 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम निःशुल्क एवं आवासीय होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थल तहसील अथवा जनपद मुख्यालय पर होगा। प्रशिक्षण अवधि में प्रशिक्षणार्थियों को श्रम विभाग द्वारा समय-समय पर निर्धारित अर्द्धकुशल मजदूरी दर के समान मानदेय प्रदान किया जाएगा। उनकी खान-पान की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी। प्रशिक्षण के उपरान्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र सहित ट्रेड वार उन्नत किस्म की टूल किट दी जाएगी। इस योजना में अभ्यर्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा, जिसकी व्यवस्था आयुक्त एवं निदेशक, उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन, उ0प्र0 द्वारा करायी जाएगी।
कैबिनेट ने उप्र जल निगम अध्यक्ष के पद को लाभ का पद बनाये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। विधान सभा के शीत कालीन सत्र में यह संशोधन विधेयक आ सकता है। कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश जल संभरण तथा सीवर व्यवस्था अधिनियम, 1975 की धारा सात की उपधारा तीन को निकाले जाने के प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जल निगम के चेयरमैन का पद लाभ का पद हो जाएगा और उसे निगम के प्रबंधकीय व्यवस्था को नियंत्रित करने का भी अधिकार होगा।
इसके अलावा कैबिनेट ने अमृत योजना के अन्तर्गत जौनपुर सीवरेज योजना की अनुमोदित लागत का व्यय प्रस्ताव अनुमोदित कर दिया है। साथ ही आसरा योजना को अल्पविकसित क्षेत्रों तथा नगरीय मलिन बस्तियों में संचालित करने का निर्णय लिया है। एक अन्य निर्णय के तहत कैबिनेट ने भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा जारी पॉलिसी बॉण्ड पर लगने वाले इन्श्योरेंस स्टाम्प के स्थान पर एक मुश्त अग्रिम स्टाम्प ड्यूटी जमा करवाने करवाने का निर्णय लिया है।समेकित स्टाम्प शुल्क की व्यवस्था प्रदेश में लागू होने पर राज्य सरकार को त्वरित अग्रित राजस्व की आय होगी। किसी प्रकार के फर्जी स्टाम्प आदि की सम्भावना नहीं होगी। भारत सरकार के उपक्रम के रूप में भारतीय जीवन बीमा निगम बीमा धारक/सामान्यजन को त्वरित सेवा दे सकेगा। प्रधानमंत्री के ‘डिजिटल इण्डिया कार्यक्रम’ में इस व्यवस्था का भी योगदान हो सकेगा। इसके साथ ही इलाहाबाद नगर निगम का नाम परिवर्तित कर ‘प्रयागराज नगर निगम’ किए जाने का निर्णय को मंजूरी दी गई है। साथ ही 108 इमरजेन्सी मेडिकल ट्रांसपोर्ट सेवा के द्वितीय चरण के लिए ऑपरेटर के चयन के सम्बन्ध में मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उ0प्र0 खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली, 2002 (यथासंशोधित) को अवक्रमित करते हुए उ0प्र0 खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) नियमावली, 2018 के प्रख्यापन का फैसला किया गया है।

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